top secret of success/ personality devlopment in hindi /कामयाबी के नुक्से/

Secret of success

अपने क्षेत्र में टॉपर हर कोई रहना चाहता  है । यदि आप नियोजित ढंग से दृढ़  इच्छाशक्ति पूर्वक कठोर परिश्रम द्वारा

कार्य करे तो दुनिया में स्वयं का लोहा मनवा सकते है।  तो क्यों न कामयाबी के कुछ नुक्सो पर गौर किया जाय

    • वक्त या समय समय बड़ा ही बलवान होता है।  इसके साथ न जीने पर हम कई वर्ष पीछे जा सकते है। समय की कद्र् करे और इसे व्यर्थ न गवाय ,और न ही किसी के समय को अपने साथ -साथ गवाय।  ऐसा करने  से आपकी छवि धूमिल हो सकती है।  हम लाखो करोडो देकर भी बीता हुआ समय नहीं खरीद सकते।  हमें समय की कद्र  करना चाहिए। समय तभी आपकी कद्र करेगा और आप दुनिया के साथ चल पायगे।  वैचारिक रूप में भी कठोर न रहे ;दुनिया के साथ बदले। क्योकि भगवान् कृष्ण ने कहा है “परिवर्तन ही संसार का नियम है ”   

      

 अच्छी पुस्तके व पत्रिकाय पढ़े यह आपको मानसिक  रूप से अच्छी खुराक देगी।  इससे आपका ज्ञान बढ़ेगा।  अच्छीकिताबे आपको उत्साहित करेगी व नकारात्मक विचारो से बचाकर रखेगी।  आप जितनीपुस्तके पड़ेंगे उतना ही आपका ज्ञान बढ़ेगा और उतना ही आत्मविस्वास बढ़ेगा।  

नय विचारो का स्वागत करेआप नय  व अच्छे विचारो का हमेशा स्वागत करे , क्योकि वे आपको अनायास ही ज़िंदगी में कुछ ऐसी सीख दे जायगे जो आपको शायद कोई न बताय 

नए  मित्र  बनाय– हमेशा नय  व अच्छे मित्र बनाने की कोशिश करे।  इससे आपका ज्ञान वर्धन होगा तथा दुनिया को देखने का नया  नजरिया मिलेगा। 

आत्मविश्लेषण  करे– समय -समय पर आत्मचिंतन कर  खुद का विश्लेषण अवश्य करे व अपनी कमजोरियों को दूर करने का हमेशा प्रयास करे।  अच्छे अलोचक दोस्त भी आपको बुरी आदतों को सुधारने में प्रेरित करेंगे।  

सफलता के बारे  में सोचे नकारात्मक  विचारो को  किसी भी हालत में अपने पास न फटकने दे व सिर्फ सफलता के बारे सोचे।  आप यदि शंका -कुशंका में डूबे तो यह स्थिति होगी जैसे की आप गाड़ी को चलने साथ – साथ ब्रेक भी मार रहे है जिससे गाडी आगे बढ़  नहीं सकती करारा झटका भी दे रही है।  इसलिए सिर्फ सफलता की सोचे।  अच्छीपुस्तकों से फायदा होगा। 

समय का प्रबंधन करेप्रत्येक कार्य के लिए समय  निर्धारित कर ले।  महत्वपूर्ण कार्यक्रमोंको एक दिन पहले डायरी में लिखे या सुबह उसे क्रम से लिखकर उन कामो को जरूरकरे।  जो कार्य बचते है उन्हें अगले दिन सबसे पहले निपटाइये। अपने कार्योका लेखा -जोखा अवश्य रखे।  

मुस्कराहट व आशावादिता यदि आप आशावादी है तो जरूर मुस्कुरायगे। मुस्कराहट आपको नई  स्फूर्ति देगी व आपको निराश होने से बचाएगी।  साथ ही साथ दूसरे लोगो में आपकी लोकप्रियता भी  बढ़ाएगी। 

अच्छे श्रोता बने और जरूररत भर बोलेहमें प्रकृति ने एक मुँह ,दो हाथ ,दो आखे इसलिए दिए है की हम अधिक कार्य करे , अधिक देखे पर कम बोले। आपकी व्यर्थ जानेवाली ऊर्जा इससे  बच जाती है।  जरुरत भर बोलेंगे तो आपके शब्दों का मान भी रहेगा। 

महत्वकांक्षी बने – अपने जीवन के उच्चतम लक्ष्य निर्धारित करे व उसे पूर्ण रूप से पाने का प्रयत्न करे इस हेतु बार -बार प्रयत्न करना पड़े भी तो करे।  महत्वपूर्ण प्रयत्न नहीं , परिणाम होता है। 

स्वास्थरोज़ नियमित रहे।  खाने -पीने के मामले में अधिकतर सादा भोजन। सादा  रहन-सहन व उच्च विचार रखे।  स्वास्थ्य अच्छा होने से आप सफलता की तरफ तेजी से बढ़ सकेंगे। किसी भी कार्य का अंत दुनिया हमेशा याद रखती है। स्वस्थ रहकर आप अपने कार्य का अंत बहुत बढ़िया ढंग से कर सकेंगे तब आपसे दुनिया जरूर खुश होगी।  यदि आप दुनिया से किनारा भी करना चाहे तब दुनिया आपको किनारा नहीं करने देगी।  आपकी उपस्थिति इस संसार की एक जरुरत बन जायगी।

प्रसन्न रहने का प्रयास करे

सफलता और गतिशीलता के लिए प्रसन्न रहना बेहद जरूरी है खुश रहने से ही जीवन में सरसता व समरसता का संचार होता है . छोटी –छोटी बातो से बच्चे जिस तरह बड़ी जल्दी खुश  हो जाते है ठीक उसी तरह हमें भी हमेशा प्रसन्न रहने का प्रयास करना  चाहिए।

बहुत से व्यक्तियों को हम देखते है की वे परेशानियो के बावजूद अक्सर मुस्कुराते रहते है।  क्या हम एसे लोगो की  तरह प्रसन्नचित नहीं रह सकते ?

आमतोर पर हम छोटी छोटी परेशानियों से घबराकर जीवन जीने की कला ही  भूल जाते है। प्रसन्न रहने का रहस्य क्या है ? विशेसग्य कहते है की यह मानसिक संतुलन है जिसकी प्रष्टभूमि में आदते,  शिक्षा एवं अनुभव होता है

वेसे बहुदा हम मानशिक तनावों और परेशानियो के लिए खुद ही जिम्मेदार होते है जबकि इनसे आसानी से बचा जा सकता है। पत्येक व्यक्ति को आदर्श और वास्तविकता में तालमेल करना ही चाहिए।  यह भी मानकर चलना चाहिए की पूर्णता कभी किसी को नही मिली है और यह मुमकिन भी नहीं है। भविष्य के बारे में जरुरत से ज्यादा सोचने से वर्तमान की खुशिया सिमटकर रह जाती है जिसने वर्तमान को व्यवस्थित तरीके से जीने का रहस्य समझ लिया वह जीवन में कभी असफल नही होगा। फिर भी इसका यह मतलब नहीं की व्यक्ति भविष्य के सन्दर्भ में योजनाय बनाये ही नहीं। .

आशावादी बने

आशावादी नजरिया ही प्रसन्नता की कुंजी है। निराशावादी पानी की गिलाश को आधा खाली देखता है ; जबकि आशावादी खाली गिलाश को भी आधा भरा हुआ . हमें किसी भी चीज के उज्जवल पहलु पर ही निगाह दौड़ानी चाहिए ,न की उसके दोषो पर , क्योकि हम सभी को कभी न कभी मुश्किलों का सामना करना ही पड़ता है।  एसी स्थिति में हमें बहुत ज्यादा विचलित नहीं होना चाहिए। हमें अपने प्रयासों से मुश्किलों का कोई व्यावहारिक हल ढूढने की कोशिश करनी चाहिए।

सलाह मशविरा करे

एक चीनी कहावत है की आप चिड़िया को अपने सर के ऊपर उड़ने से नहीं रोक सकते ,लेकिन उन्हें अपने बालो में घोसला बनाने से रोक सकते है।  एक खुशमिजाज व्यक्ति मिलनसार होता है।  जरुरत पड़ने पर वह अपनी समस्याओ के बारे में सहयोगियों ,मित्रो आदि से सलाह मशविरा कर उसका कोई रचनात्मक हल ढूड निकालता है।

हसते रहिये

हसना सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है . कहा  जाता है की मुस्कान एक एसा निवेश है जिसका वापस लौटना सौ फीसदी तय है।  अपनी गलतियों पर हस देना एक कला है ;और अक्सर इससे तनाव दूर करने में सहायता मिलती है।

क्रियाशीलता प्रसन्न रहने के लिए आवश्यक है।  आलस्य से मन –बोझिल हो जाता है जब व्यक्ति अपने को बाकी समाज के लिए उपयोगी मानता है तब उसका ह्रदय प्रसन्न रहता है। इसलिए हमें दुनियादार होना चाहिए।

हम सभी आनंद की खोज में लगे रहते है।  यह हमारी मूलभूत प्रव्रत्ति है और हम दुखो से बचना चाहते है इसलिए जरूरी है की हम अपने –आपको सभी प्रकार के तनावों से मुक्त रखे और यह हमारे अपने हाथ में है और भली-भांति  कर भी सकते है बशर्ते काम के प्रति चाहत हो , आलस्य के प्रति नहीं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *