Monday, February 6, 2023

एमनेस्टी अंतरराष्ट्रीय दिवस क्यों मनाया जाता है ? Amnesty international day

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आज एमनेस्टी अंतरराष्ट्रीय दिवस है (Amnesty international day ) । एमनेस्टी अंतरराष्ट्रीय संस्था की स्थापना लंदन में 1961 में हुई थी । यह एक गैर-सरकारी संगठन है और मानवाधिकारों की रक्षा पर इसका प्रमुख ध्यान रहता है ।

  • क्यों मनाया जाता है एमनेस्टी इंटरनेशनल डे ?
  • Amnesty International Organization इसके पीछे की कहानी?
  • एमनेस्टी अंतरराष्ट्रीय संस्था की स्थापना कब हुई थी ?

Amnesty international day
Amnesty international day
विश्व भर में इस संस्था के तीस लाख से अधिक सदस्य और समर्थक हैं । संगठन का उद्देश्य मानवाधिकारों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर रोक लगाना और प्रताड़ित लोगों को न्याय दिलाना है।

संगठन को 1977 में शांति के लिए नोबेल पुरस्कार और मानवाधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र का पुरस्कार 1978 में प्रदान किया गया था।

क्यों मनाया जाता है Amnesty international day  क्या हैं इसके पीछे की कहानी

पिछले कई सालों से 28 मई को हर साल एमनेस्टी इंटरनेशनल डे (Amnesty international day) मनाया जाता है । यह उन 70 लाख से ज्यादा लोगों का एक वैश्विक आदोंलन हैं जिन्होंने व्यक्तिगत रूप से अन्याय सहा है। एमनेस्टी इंटरनेशनल मानव अधिकारों के लिए आवाज उठाता है. 

जाने क्या हैं इसके पीछे की कहानी..

एमनेस्टी इंटरनेशनल उन 70 लाख से ज्यादा लोगों का एक वैश्विक आंदोलन हैं, जिन्होंने व्यक्तिगत रूप से अन्याय सहा है. यह ऐसी दुनिया के लिए अभियान चला रहे हैं, जहां सभी के पास मानव अधिकार हैं । मानव अधिकार मतलब कि हम किसी भी राजनीतिक पार्टी, विचार, आर्थिक लाभ और धर्म को मानने के लिए स्वतंत्र हैं. एमनेस्टी इंटरनेशनल के नाम पर पिछले कई सालों से हर साल 28 मई को एमनेस्टी अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है.

एमनेस्टी इंटरनेशनल का मानना है कि कोई भी सरकार जांच से परे नहीं है। कोई भी परिस्थिति उम्मीद से परे नहीं हैं। मानवाधिकारों की रक्षा करने के लिए ज्यादातर देशों ने मृत्यूदंड को खत्म कर दिया है.

Amnesty international day के पीछे की कहानी 

1961 : मानव अधिकारों के लिए एक ग्लोबल आंदोलन शुरू हुआ. दो पुर्तगाली छात्रों को आजादी के लिए आवाज उठाने के चलते जेल हो गई. जिसके बाद वकील पीटर बेनेन्सन ने ऑब्जर्वर अखबार में ‘अपील फॉर एमनेस्टी’ लांच किया.

1963: अंतरात्मा की आवाज उठाने वाला पहला कैदी यूक्रेनी आर्कबिशप जोसेफ स्लिपी (Ukrainian Archbishop Josyf Slipyi) को साइबेरिया में रिहा कर दिया गया. इसने दशकों चलाए जा रहे उस अथक अभियान को चिंगारी दी, जो की अपने विश्वासों के लिए सताए गए लोगों की ओर से चलाया जा रहा था.

1972 : एमनेस्टी ने अत्याचार के खिलाफ अपना पहला कैंपेन लांच किया. 12 साल बाद, संयुक्त राष्ट्र ने 1984 में दुनिया भर में हो रहे अत्याचार से लड़ने के लिए एक सम्मेलन कर वोट दिया.

1977 : एमनेस्टी को ‘स्वतंत्रता के लिए, न्याय के लिए, और दुनिया में शांति बनाए रखने में अपना योगदान देने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया. यह दुनिया भर में एमनेस्टी समर्थकों की कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के लिए जाना जाता है.

1980 : एमनेस्टी ने मृत्युदंड के लिए अपना पहला कैंपन शुरू किया. 1961 में जब अभियान शुरू किया था, तब केवल 9 देशों ने मृत्युदंड खत्म किया था. 2014 तक यह संख्या 140 तक पहुंच गई थी.

1993 : एमनेस्टी अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) के लिए अभियान चलाता है. जिससे नरसंहार और युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जा सके. ICC की स्थापना 2002 में हुई थी.

2006 : नेल्सन मंडेला के एमनेस्टी इंटरनेशनल के लिए विवेक राजदूत बने. 1962 में, एमनेस्टी ने दक्षिण अफ्रीका में अपने मुकदमे की निगरानी के लिए एक वकील भेजा. नेल्सन मंडेला ने लिखा है कि उनकी उपस्थिति, साथ ही उन्होंने जो सहायता दी, वह हमारे लिए जबरदस्त प्रेरणा और प्रोत्साहन का स्रोत थी.

2007 : दुनिया भर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए एमनेस्टी की लंबी लड़ाई इंटरनेट तक पहुंच गई है. अली सैयद अल-शिहाबी को सीरिया में लोकतंत्र समर्थक लेख ऑनलाइन पोस्ट करने के लिए जेल जाना पड़ा था लेकिन बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया.

2014 : एमनेस्टी समर्थकों के 20 वर्षों के प्रेशर के बाद, 24 दिसंबर 2014 को एक जीवन रक्षक वैश्विक शस्त्र व्यापार संधि (life-saving global Arms Trade Treaty) लागू हुई. यह दुनिया भर में अत्याचारों को बढ़ावा देने वाले हथियारों के प्रवाह को रोकने में मदद करती.मानवाधिकार क्या हैं मानव अधिकार एक बुनियादी स्वतंत्रता और सुरक्षा है जिसके लोग केवल इसलिए हकदार हैं क्योंकि वह मनुष्य हैं. वह मानवाधिकारों की यूनिवर्सल घोषणा में निहित हैं.मानवाधिकार यूनिवर्सल हैं : 

ये मानवाधिकार सभी के हैं, चाहे वे किसी भी जाति, नागरिकता, लिंग, राष्ट्रीयता, जातीयता या क्षमता से संबंध रखता हों.मानवाधिकार निहित हैं: हम सभी मानवाधिकारों के साथ पैदा हुए हैं. वह लोगों से केवल इसलिए संबंधित हैं क्योंकि वे मनुष्य हैं.

मानवाधिकार अहस्तांतरणीय हैं: इन मानवाधिकारों को छीना नहीं जा सकता. कोई भी व्यक्ति, निगम, संगठन या सरकार किसी व्यक्ति को उसके अधिकारों से वंचित नहीं कर सकती है.मानवाधिकारों का उल्लंघन हो सकता है: हालांकि वे अहस्तांतरणीय हैं, वे अखंडनीय नहीं हैं. उल्लंघन लोगों को उनके अधिकारों का आनंद लेने से रोक सकते हैं, लेकिन वे मौजूदा अधिकारों को नहीं रोकते हैं.मानवाधिकार आवश्यक हैं: यह मानवाधिकार स्वतंत्रता, न्याय और शांति के लिए आवश्यक हैं

यह थी Amnesty international day की कहानी 

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